प्रार्थना
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे।
दीन के बन्धु, प्रेम के सिन्धु,
दु:ख दारिद्र विनाशन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।
नित्य अखंड अनंत अनादि,
पूरण ब्रह्म सनातन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।
जग आश्रय जग-पति जग-वन्दन,
अनुपम अलख निरंजन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।
प्राण सखा त्रिभुवन प्रति-पालक,
जीवन के अवलंबन हे ।
हे जग त्राता विश्व विधाता,
हे सुख शांति निकेतन हे ।
राष्ट्रगान
जनगणमन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य बिधाता!
पञ्जाब सिन्धु गुजरात मराठा
द्राबिड़ उत्कल बङ्ग
बिन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरङ्ग
तब शुभ नामे जागे
तब शुभ आशिष मागे
गाहे तब जयगाथा।
जन गण मङ्गल दायक जय हे
भारत भाग्य बिधाता!
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जय जय हे॥